कुमाउँनी चेली

गुरुवार, 11 दिसंबर 2008

नव्या (मेरे जीवन की डोर) के पाँचवे जन्मदिन (२५ नवम्बर, २००८) के उपलक्ष्य पर

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ये हंस दें तो झरने बहने लगते हैं मुस्कुरा दें तो सूरज चमकने लगते हैं जिनकी बातों में उतरते हैं सात सुर इनके आगे इन्द्रधनुष फीके लगते हैं क्...
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शेफाली पाण्डे
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