कुमाउँनी चेली
शुक्रवार, 15 मई 2009
क्यूँ जगाया वोटर को ???
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साथियों ...कल के दिन का इंतज़ार हम सब पर भारी है ...ऐसे में मेरे मन ने भी नेता की तरह पाला बदल लिया है ...चुनावी कविता लिखने के लिए कलम बेकर...
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