सोहनी की मटकी फूटी, निकली बाहर अनुराधा,
देखे मजनूँ 'चंदू' को, मेरा भूत कहाँ से आया?
कहती वो, हमारा मिलन है जन्मों का वादा,
उसके नाम से 'मोहन' जुड़ा, मेरे नाम से 'राधा',
हम से पूछो हम बताएँ
'रा' निकालो अनुराधा से, 'ह' निकालो मोहन से,
'ऊ' की मात्रा जोड़ जो आए, वही हो तुम कसम से.
राधा के प्यार से टक्कर लोगी, नए ज़माने की तुम नार.
इतनी बड़ी वकील हो, तर्क भी सब के सब हैं बेकार.
पर इतना तो दुनिया जानती है
राधा ने ना धर्म बदला, ना तोड़ा कोई घर बार.........शेफाली