सोमवार, 8 जून 2009

हल्द्वानी में काव्य की रसधार

कल रात अर्थात सात जून को मेरे शहर हल्द्वानी में दैनिक जागरण के सौजन्य से काव्य की रसधार बही थी. जिनमे जेमिनी हरयान्वी ,सुरेन्द्र दुबे ,मुनव्वर राणा, आसकरण अटल ,कीर्ति काले ,विष्णु सक्सेना ,संतोषानंद, सुरेश अवस्थी ने काव्य के रस में हल्द्वानी की जनता को सर से पाँव तक डूबा दिया था .रात तीन बजे घर लौटना हुआ .बीच में उठना चाहा तो हरिओम पवार जी के कड़कते फरमान ने सबके कदम रोक लिए .उन्होंने वीर रस में सराबोर होकर कड़कते सुर में हुक्म दिया की कोई नहीं हिलेगा ..और वाकई कोई नहीं हिला .और आज जब ये खबर सुनी की ओम प्रकाश आदित्य जी नहीं रहे तो सहसा विश्वास ही नहीं हुआ ..इसी हल्द्वानी के मंच पर वो पिछले साल अपनी उपस्थिति से हल्द्वानी की जनता को हास्य रस में डुबो  गए थे ..हमने लैपटॉप पर पूरा सम्मलेन रिकॉर्ड किया था ,और बाद में कई बार इसका आनंद  लिया था..आज भी यह हमारे पास सुरक्षित है .आदित्य जी चले गए लेकिन उनकी आवाज़ सदा हमारे पास मौजूद रहेगी ...
मैं  ओम प्रकाश जी और उनके साथ दिवंगत हुए कवियों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ .