मंगलवार, 18 अक्तूबर 2011

कोई मुझे बताए कि ऐसा क्यूँ है .......

कोई मुझे बताए कि ऐसा क्यूँ है .......
 
जिसे चुप रहना चाहिए देश के सुकून की खातिर,  अमन ओ चैन की खातिर, जिसकी चुप्पी से  चारों ओर सुख और शांति होती है,  वह हर बात पर  बोलता क्यूँ है ?
जिसे सुनना चाहती है दुनिया सारी, जिसकी आवाज़ है ताकत हमारी, जिसके बोलने से क्रान्ति होती है, वह आज दुखी होकर मौन क्यूँ है ?
 
जिसे अस्पताल में इलाज़ चाहिए,  वक्त पर दवाएं  और एक अदद बिस्तर चाहिए, अपनापन, प्रेम, मीठे बोल, दया,करुणा, रुपया पैसा और हर तरह की सुविधा चाहिए, वह सड़क पर दम तोड़ता क्यूँ है ?
 जिसे जेल में  होना चाहिए, ज़मीन पर सोना चाहिए,  जो कल तक बिलकुल ठीक था, हँसता था, मुस्कुराता था, सत्ता के नशे में चमचमाता था,  सजा मिलते  ही उसको उसको दर्दे - दिल, दर्दे जिगर होता क्यूँ है ? बनके वी. आई. पी.  वह चैन से बिस्तर में सोता क्यूँ है ?
 
 
 
 
 

13 टिप्‍पणियां:

  1. इनके जबाब मिल जाएँ तो मुझे भी जरुर बताना प्लीज.

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  2. इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  3. ये सब बातें आर.टी.आई.के दायरे के बाहर की हैं इसलिये आपको इनकी सूचना मिलना संभव नहीं है। :)

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  4. कब क्या बोलना है, यही समझ में आ जाये तो क्या बात है।

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  5. हां सोचने वाली बात तो है, लेकिन जवाब कौन देगा कौन?

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  6. वाजिब प्रश्न ..उत्तर देने में गुमसुम ही रहते हैं ...

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  7. प्रश्न लाजवाब है , और जवाब तो और भी होगा !

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  8. इसका कोई जवाब अगर है तो यही हो सकता है कि अब तक की जो शासकीय व्‍यवस्‍थाएं चलीं आ रही हैं वे सभी अपर्याप्‍त हैं....

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  9. येदियुरप्पा पहले जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में भर्ती हुए...वहां दिल दुरूस्त पाया गया तो फिर विक्टोरिया अस्पताल जाकर भर्ती हो गए...आडवाणी जी ने येदियुरप्पा पर सचाई बयान कर दी तो महाराज इतना दुखी हुए कि कहने लगे मुझे जेल ले चलो...अब जेल में ही बेचारे एसी रूम में साधु जैसे दिन काट रहे हैं...

    जय हिंद...

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