मंगलवार, 29 जनवरी 2013

नाबालिग

जिसकी दरिंदगी  देख के
दुनिया का दिल दहल गया ।
पत्थर से पत्थर दिल तक
एकबारगी पिघल गया ।
जिसके लम्बे हाथों ने पकड़ा था
बड़ी मशक्कत के साथ उसे
मुँह पर सरेआम उसी के
कालिख मल गया ।
अँधा ये क़ानून, इसका
अदा  करेगा वो रोज़ शुक्रिया
कि जिसके चलते उस जैसा वहशी भी 
नाबालिग निकल गया ।

8 टिप्‍पणियां:

  1. पर उसे छुट मिले और शर्मनाक होगी..

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  2. बीटिंग द रिट्रीट ऑन ब्लॉग बुलेटिन आज दिल्ली के विजय चौक पर हुये 'बीटिंग द रिट्रीट' के साथ ही इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो गया ! आज की 'बीटिंग द रिट्रीट' ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. "हद हो गई! इससे ज्यादा दुःख भरी खबर पिछले एक अरसे से मैंने नहीं सुनी कि दिल्ली दुष्कर्म का छठा आरोपी नाबालिग करार दिए जाने के कारण जल्द ही रिहा हो जाएगा।

    मतलब 18 साल होने से एक दिन पहले तक हमारा कानून उसे बल्कि उसके जैसे अन्यों को भी केवल एक दूध पीता बच्चा ही मानता है, जिससे कोई अपराध हो नहीं सकता और अगर हो गया है तो उन्हें सुधरने के लिए वापिस समाज में भेज दिया जाना चाहिए। ऐसे लोगों के किसी भी तरह के जघन्य अपराध करने पर भी बहुत थोड़ी सी ही सजा दी जाती है, मतलब सज़ा ना देने के बराबर।

    इस कानून को बदलने के लिए इन्साफ मिलने तक आन्दोलन चलाया जाना चाहिए,"

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  4. कानून में सूधार की आवश्कता है

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