बुधवार, 15 अप्रैल 2009

मरुभूमि में शीतल फुहार

सरकारी शिक्षिका होने के नाते, पिछला हफ्ता छुट्टियों के नाम रहा इसका सदुपयोग हमने अपनी भाभी, जो कि पिलानी स्थित बिड़ला के स्कूल में शिक्षिका है, के पास जाकर किया घनश्याम दास बिड़ला जी के अथक प्रयासों द्वारा स्थापित बिड़ला इंस्टीटिउट ऑफ़ टेक्नोलोजी, अर्थात बी ई टी एस पिलानी जैसी छोटी सी, शुष्क और रेतीली जगह को भारत के नक्शे में एक विशिष्ट स्थान दिलाता है आस-पास में घूमने की बहुत सी जगह हैं बड़ी मेहनत से कई दर्शनीय स्थलों का निर्माण किया गया है जिनमें पंचवटी और साइंस मिउज़ियम ख़ास तौर पर आकर्षित करते हैं पंचवटी पार्क में श्री राम के जीवन की समस्त महत्वपूर्ण घटनाओं को पत्थर की शिलाओं को बेहद खूबसूरती से तराश कर दर्शाया गया है रेत एवं कैक्टस के बीचों-बीच शेर, जिराफ, भालू, ज़िब्रा, हिरन एवं आदि-मानव के रहन-सहन के तरीके को देखना एक बहुत विशिष्ट अनुभव रहा पूरे पार्क में कहीं पर भी आपको गन्दगी का कोई निशान नहीं मिलेगा
साइंस मिउज़िअम यहाँ का दूसरा बड़ा आकर्षण है विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी वस्तु एवं विचार को छोटे स्तर पर मॉडल के रूप में दर्शाया गया है, जिसमें रोबो का बोलना व हाथ मिलाता बेहद रोमांचक अनुभव है विज्ञान से जुड़ी धारणाओं की पुष्टि आप स्वयं भी प्रयोगों द्वारा कर सकते हैं इसी से सटा हुआ एक विशाल हॉल है जिसमें बिड़ला जी के जीवन परिचय, व्यक्तित्व एवं कृतित्व को दर्शाते हुए विभिन्न चित्र संगमरमर की दीवार पर उकेरे गए हैं हॉल के बीच में बिड़ला जी की खूबसूरत प्रतिमा स्थापित है उनका व्यक्तिगत वायुयान एवं कार भी वहां आने वाले अतिथियों का ध्यान खीचतीं हैं
भव्य सरस्वती मंदिर में शाम की प्रार्थना के समय विद्यार्थियों की भीड़ को देखना बहुत सुखद लगा मंदिर परिसर हरा-भरा और बहुत शानदार है यहाँ आप यदा-कदा मोरों को नाचते हुए भी देख सकते हैं इसी के पास, पानी के बीचों-बीच स्थित, शिव एवं हनुमान मंदिर भी हैं जिनके पास चाँदनी रात में भ्रमण करना बहुत सुकून प्रदान करने वाला होता है
बी ई टी एस की लाइब्रेरी की खूबसूरती उसकी दीवारों पर उकेरे रंग-बिरंगे चित्रों से है पिन-ड्राप शांति एवं कठोर अनुशासन यहाँ की विशेषता है लाइब्रेरी परिसर की साफ़-सफाई एवं रख-रखाव देखने लायक है
यहाँ एक प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी है जहां बेहद सस्ती दरों में पंचकर्म व अन्य प्राकृतिक चिकित्साएं उपलब्ध हैं
इसके अतिरिक्त श्री राम मंदिर, रानी की बावड़ी और बिड़ला जी की हवेली भी देखने लायक जगहें हैं पार्क में बच्चों के खेलने के लिए बहुत से झूले भी हैं
यहाँ के बाज़ार से बहुत किफायती दर पर आप राजस्थानी आर्ट और क्राफ्ट की वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं
खाने पीने के शौकीनों के लिए कनाट एक महत्वपूर्ण जगह है .यहाँ नॉर्थ इंडियन और साउथ इंडियन दोनों तरह के लजीज व्यंजन उपलब्ध हैं .यहाँ की कोल्ड
काफी का स्वाद कभी भूला नहीं जाएगा .
कुल मिलाकर पिलानी वहां की साफ़ सफाई, लोगों की इमानदारी, विद्यार्थियों की अनुशासनप्रियता एवं बिरला जी के इस अद्भुद प्रयास ( बिट्स ) के लिए हमेशा याद रहेगा .

4 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा जिक्र किया है आपनें . पिलानी वाकई अच्छी जगह है . चलिए आपने छुट्टियों का सदुपयोग किया ,तभी तो हम सोच रहे थे की कोई नयी पोस्ट क्यों नहीं आ रही है .

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  2. सही कहा आपने...बिरला जी का पिलानी में किया गया ये प्रयास बिना देखे अनुभव नहीं किया जा सकता...रेगिस्तान में नखलिस्तान की तरह है बिट्स...मेरा वहां कई बार जाना हुआ और आपने जिन प्रयातक स्थलों का जिक्र किया है वे मेरी भी पसंद के हैं....पंचवटी और मयूजियम में कोयले की खदानों का वर्णन अद्भुत है...
    नीरज

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  3. आकर्षक चित्रों के साथ यात्रा संस्मरण रोचक है।
    बधाई स्वीकार करें।

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  4. अच्छा यात्रा संस्मरण है. सबसे अच्छा यह लगा कि वहाँ आपको 'लोगों की इमानदारी' मिली,जो कि आजकल उपलब्ध नहीं रहती.

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