बुधवार, 27 मई 2009

'दि संडे पोस्ट' में कहानी 'खुशखबरी' - दिनांक ३१ मई २००९ पृष्ठ संख्या २४

13 टिप्‍पणियां:

  1. आज की भौतिक आकांक्षाओं ने मानवीय संवेदनाओं को किस तरह कुचल डाला है, इसकी एक झलक आपने कहानी में दिखाई है. साधुवाद.

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  2. javab nahi ,laajavab.marmsparshi
    bhavo ko kis tarah se kalambaddh kiya hai aapne sach kabil-e-tariif hai.
    aapko dheroN bandhaii ..

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  3. kahani to aapki pasand aayi...atyant samvedansheel...parantu mere khayaal mein sheershak trutipoorna hai....aapne dinaank mein 31 may 2009 likha hai, jabki abhi yah taarekh aani shesh hai...kripya jaanch lein....vaise aaj pata nahin kya ho raha hai, mera computer gadbadi kar raha hai ya shayad aapka tippani box, isiliye tippani hindi ki bajaay roman english mein de raha hoon.

    saabhaar
    humsafar yaadon ka.......

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  4. अरे माफ़ कीजियेगा....इन त्रुटियों और गलतियों के चक्कर में मैं आपको बधाई देना तो भूल ही गया. हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकारें...देखिये अब सब कुछ ठीक हो गया.

    साभार
    हमसफ़र यादों का.......

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  5. दरअसल ....ये साप्ताहिक अखबार है ...३१ मई तक इसकी अवधि है ...

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