रविवार, 24 मई 2009

वो जिन्हें लड़कियों का बहुत शौक है ..

साथियों , आज की इस पोस्ट का शीर्षक कुछ अटपटा सा है ...लेकिन यह शीर्षक हमें अपनी एक मित्र के द्वारा सुझाया गया ...वैसे हम अपनी एकमात्र कन्या रत्न से ही प्रसन्न हैं ...लेकिन कभी -कभी हमारी कोई सहेली जब अपने पुत्र रत्न को लेकर हमसे भेंट करने आती है ....और हमारे ऊपर तरस खाने वाली नज़रें डालती है ..तब हमें अच्छा नहीं लगता है ...कभी कभी कोई कह ही डालती है ..."कोई बात नहीं ....दूसरा लड़का हो जाएगा "....हमारे लाख समझाने पर भी कि हमें लड़के की कोई ज़रुरत महसूस नहीं होती ....उन्हें विश्वास ही नहीं होता है ..
.कभी कोई ऐसा भी फरमाती है "हाय !क्या करुँ? मुझे तो लड़कियों का बहुत ही शौक है लेकिन देखो मेरा दुर्भाग्य ....दोनों लड़के हो गए "
हाय ये मजबूरी ....और जब कोई यह कहती है ...
"लड़कियों के कित्ते प्यारे प्यारे कपडे मिलते हैं ...काश ! मेरी भी एक लडकी होती तो मैं सारे मॉलों को खाली कर डालती ...पर हाय !ये मुई किस्मत ...लड़का हो गया ..और लड़कों के तो ढंग के कपडे ही नहीं मिलते "
हम मन ही मन शुक्र मनाते हैं कि चलो इन फैशन  डिसाइनरों की  बदौलत ही सही ...दिलों में अभी लडकी की इच्छा बाकी तो है ..

23 टिप्‍पणियां:

  1. दिल को बहलाने का ग़ालिब ये खयाल अच्छा है.

    कन्या संतान अभी भी अवांछित है. लेकिन स्थिति बदलेगी धीरे धीरे..

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  2. हाँ... ऐसा सुना है...

    हमारी भी एक बिटिया है और हम अपनी जिन्गदी का सबसे बेहतर वक़्त गुजर रहे हैं उसके साथ.

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  3. शेफाली
    मेरा भी एक लड़का है,
    हमें लड़की की चाह थी और है,
    लड़की का अभाव हम स्पष्ट रूप से घर के हर कोने में देखते हैं.
    - विजय

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  4. जब मुझे पता चला कि हम पिता बनने वाले हैं, तो बस ईश्वर से यही प्रार्थाना करता रहा कि पुत्री हो..मैं और मेरी अर्धांगिनी दोनों...
    और आज वो छुटकी डेढ़ साल की होने को आयी है..
    माँ अभी तक नाराज सी हैं अपनी पुत्रवधु से...और आस लगाये बैठी है कि अगली बार तो पोता मिलेगा ही\ उन्हें कैसे बताऊं कि कोई अगली बार है ही नहीं
    आपकी पोस्ट दिल के करीब

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  5. गिरिजेश जी की टिप्पडी से पूर्ण सहमत हूँ
    वीनस केसरी

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  6. मेरे छोटे भाई सुनील के एक ही पुत्री पारूल है और पूरा परिवार उस पर जान छिड़कता है।

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  7. मेरी २ साल की प्यारी सी बिटिया है. पूरा घर उसकी किलकारियों से खिला रहता है. शाम होते ही बस घर जा कर उससे खेलने की जल्दी लगी रहती है. पूरा घर उस पर जान छिडकता है. कभी मन में यह एहसास नहीं हुआ कि बेटा क्यों नहीं हुआ. यदि होता तो इतनी प्यारी गुडिया से महरूम रह जाता.

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  8. mental conditioning of the soicety is responsible for a prefernce of male child over female child

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  9. Didi Pelag...

    kya aapko vishwas hoga shefali ji ki main jald hi ek kanya ko god lene wala hoon?

    i love Baby girls & i love to be a proud father of daughter //that too not b'coz of fashion..

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  10. भारत की पहली महिला अन्तरिक्ष यात्री कल्पना चावला का भाई एक छोटी सी दुकान चलाता है. (कोई उसका नाम जानता है ?)

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  11. हमारे तो खानदान में भी लड़की नहीं हुई जी....हम भाई ,उसके बाद उन तीनो में से किसी के लड़की नहीं.....आखिर में सबसे छोटे से उम्मीद थी....जब उसका भी लड़का हुआ तो हॉस्पिटल की स्टाफ माँ के पास ख़ुशी ख़ुशी इनाम लेने आई..मां की सूरत देखकर हैरान हो गयी........लोग लड़के होने पे इनाम देते है.....लड़किया घर में होने से घर में एक तमीज सी रहती है ...
    वैसे छोटी लड़कियों के कपडे अच्छे होते है ....इस गम में हम भी शामिल है ...

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  12. कहने को लोग कुछ भी कहें. पर आज भी अंतर्तम से लडकी संतान को नही स्वीकारा जाता है. लोग झूंठे आंसु बहाते हैं कि हाय हमको लडकी ना हुई...अगर उनके यहां सचमुच लडकी हुई होती तो यकीन मानिये कब के उनके घडे औंधे मुंह गिर चुके होते. बात करने मे क्या लगता है?

    आप जिस खुशी से लदकी को स्वीकार पाई हैं उस तरह से अगर समाज का रुख हो जाये तो ये समस्या ही हमेशा के लिये खत्म हो जाये. बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  13. बेटियां घर की रौनक होती हैं .. बेटों में वो बात कहां ?

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  14. मेरी इस पोस्ट पर मुझे ढेर सारी टिप्पणिया प्राप्त हुईं ....मुझे बहुत अच्छा लगा ...यहाँ पर मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूँ जो कल नहीं कह पाई...वो हर औरत झूठ बोलती है जब वो कहती है की उसे लड़के की कोई चाह नहीं है ....हर औरत चाहती है की उसका एक लड़का ज़रूर हो .... एक अद्रश्य रिश्ता होता है.... माँ बेटे ....और पिता पुत्री के बीच ..तभी तो ..बेटियाँ मरते दम तक मेरे पापा मेरे पापा कहती हैं ....लड़के मेरी माँ मेरी माँ कहते हैं ....उसी तरह से मुझे भी बेटे की चाह है ..लेकिन भ्रूण परीक्षण के द्वारा नहीं .....

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  15. Ladka ho ya ladki, par yogya ho.
    ___________________________________________
    आपने डाक टिकट तो खूब देखे होंगे...पर "सोने के डाक टिकट" भी देखिये. डाकिया बाबू के ब्लॉग पर आयें तो सही !!

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  16. मेरी भी एक बेटी है जो कुमाऊ में पढ़ रही है . और वह मुझे व मेरे परिवार को सब कुछ देगी जो बेटो से उम्मीद होती है

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  17. भाई मैं तो जब भी कोई प्यारी सी बच्ची देखता हूँ तो मुझे अपनी छोटी बहन याद आ जाती है ...बिल्कुल गुड़िया सी ...फूल सी नाज़ुक सोचता हूँ कि जब कभी मेरी कोई बच्ची होगी तो एक बार फिर अपनी बहन का बचपन देख सकूँगा

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