मंगलवार, 23 अगस्त 2011

अन्ना भूखा रहे तुम्हारा |

नहीं रहा अब कोई चारा, 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा |
 
सदा घूस को खाने वाला 
सात पुश्त भर जाने वाला  
चोरों को हरषाने वाला
बिल होवेगा पास हमारा |
 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा |
 
जन - गण - मन के भीषण रण में
वो गिरगिट जैसे बदलें क्षण - क्षण में
काँपे ''जन'' बिल देखकर मन में
अब जावेगा राज सारा |
 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा
 
इस बिल के पीछे निर्भय
वो खड़े हुए थे करके निश्चय
होगी  दलीय एकता की जय
फूले - फले बस लाल [ सरकारी लोकपाल ] हमारा |
 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा
 
आओ प्यारी ''नीरो'' आओ 
रोम - रोम से इटली गाओ  
एक साथ सब जोर लगाओ
भ्रष्टाचार हो ध्येय हमारा |
 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा
 
बिल यह पेश ना होने पाए
चाहे जान भले ही जाए [ अन्ना की ]
बार - बार कमियाँ गिनवाएं
तब होवे प्लान पूर्ण हमारा |
 
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा,
नहीं रहा अब कोई चारा |
अन्ना भूखा रहे तुम्हारा |

10 टिप्‍पणियां:

  1. सदा घूस को खाने वाला
    सात पुश्त भर जाने वाला
    चोरों को हरषाने वाला
    बिल होवेगा पास हमारा |

    अत्यंत सशक्त, सामयिक रचना.

    रामराम

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  2. आओ प्यारी ''नीरो'' आओ
    रोम - रोम से इटली गाओ
    एक साथ सब जोर लगाओ
    भ्रष्टाचार हो ध्येय हमारा |

    बढिया लोकपाल व्यंग्य गीत है। अरसे बाद आपको पढ कर आनंदित हुए।
    आभार

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  3. यथार्थ को कहती सटीक प्रस्तुति ... अन्ना की चिन्ता हो रही है ... जल्दी ही कोई रास्ता निकल आए यही दुआ है ..

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  4. आपका एक बार फिर स्वागत है इस बीहड़ दुनिया में :)

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  5. बिल यह पेश ना होने पाए
    चाहे जान भले ही जाए [ अन्ना की ]
    बार - बार कमियाँ गिनवाएं
    तब होवे प्लान पूर्ण हमारा |
    वाह जी वाह!!!! बहुत बढिया. अन्ना की हालत सचमुच बिगड़ रही है अब. आखिर नौ दिन हो गये!

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  6. आओ प्यारी ''नीरो'' आओ
    रोम - रोम से इटली गाओ
    एक साथ सब जोर लगाओ
    भ्रष्टाचार हो ध्येय हमारा |

    ...nice one!

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  7. ये तो झण्डा गीत की तर्ज पर अन्ना गीत हो गया। :)

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