गुरुवार, 13 फ़रवरी 2014

स्थिति

चाकू की नोक, 
तीखी तेज़ धार 
मिर्च की छौंक, 
आँखों पर फुहार 
कुर्सी, माइक 
अदरक, चूड़ी 
संसद का त्योहार 
धक्का - मुक्की 
गाली, घूंसे, लात 
बेहोशी और हृदयाघात   
मार - काट, हंगामा, 
कुश्ती का अखाड़ा 
कबड्डी का बाड़ा । 


कर लें आधा -आधा 
संसद की मर्यादा, 
यह सुविधा यह अधिकार 
ना नोक तंत्र में है 
ना जोक तंत्र में है  
मज़ा ये सारा सिर्फ 
भारतीय लोकतंत्र में है । 

अरे ! अरे ! अरे ! आप 
गरियाएं नहीं, घबराएं नहीं,  
लजाएँ नहीं, शरमाएं नहीं, 
और 
इतनी भी चिंता न करें श्रीमन !
क्यूंकि, 
स्थिति तनावपूर्ण किन्तु नियंत्रण में है । 

5 टिप्‍पणियां:

  1. जय जय जय जय लोकतन्त्र जय,
    आप रहेंगे तो किसका भय।

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  2. उफ़ ! कितना शर्मनाक हुआ जो भी हुआ..अब परिवर्तन अवश्यम्भावी है

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  3. संसद की मर्यादा का ख्याल अब कौन रखता है
    बड़ी चिंतनीय स्थिति है अभी
    सुन्दर व्यंग्य !

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  4. स्थितियां हमेशा नियंत्रण में ही सुनते आये हैं.:). बेहद सशक्त.

    रामराम.

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